बिहार नीली क्रांति 2022 | Bihar Neli Kiranti 2022, Benefits, Eligibility

नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार एवं मत्स्य विभाग में नए तालाबों के निर्माण की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत राज्य में तालाबों का निर्माण किया जाएगा, जिनका इस्तेमाल मछली पालने के लिए तथा किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने के लिए किया जाएगा। इस योजना के मद्देनजर मत्स्य पालन के लिए तालाब खुदाई जाएंगे। यह योजना मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित की जा रही है।

नीली क्रांति योजना के तहत नए तालाबों के निर्माण का उद्देश्य | Bihar Neli Kiranti 2022 : Objectives

जैसा कि हम जानते हैं कि राज्य सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए काफी सारी योजनाएं जारी की है उसी के तहत एक और योजना तैयार की गई है ताकि मत्स्य पालन को भी ज्यादा  सफल बनाया जा सके। ज्यादातर बिहार के नागरिक दूसरे राज्यों में जाकर काम करते हैं क्योंकि उनके पास वहां पर कमाई के साधन उपलब्ध नहीं है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने मत्स्य पालन को प्रफुल्लित करने की योजना बनाई है और इसी योजना के मद्देनजर तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। ऐसा करने से लोग मछली पालन जैसे धंधे को अपना पाएंगे और अपना जीवन यापन कर पाएंगे यही इस योजना का उद्देश्य है।

नीली क्रांति योजना के तहत नए तालाबों के निर्माण का लाभ | Bihar Neli Kiranti 2022 : Benefits

  • नए तालाबों के निर्माण से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा।
  • नीली क्रांति राज्य के लिए भी कमाई का अच्छा स्रोत होगी।
  • किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाएगा।
  • इस योजना के तहत जो किसान पिछड़े वर्ग से संबंध रखते हैं और मत्स्य पालन की ओर अपना कदम बढ़ा रहे हैं उन्हें इस योजना के तहत तालाब खुदवाने पर 70% तक की सहायता राशि सरकार की तरफ से प्रदान की जाएगी।
  • जिन किसानों को इस योजना के अंतर्गत चयनित कर लिया जाएगा उन्हें मत्स्य पालन विभाग के द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वहमछली पालने के कांसेप्ट को समझ पाए और अपना बिजनेस खड़ा कर पाए।
  • इस योजना से न केवल किसानों को बल्कि मछुआरों को भी फायदा होगा।
  • केंद्र सरकार द्वारा भी 40% अनुदान प्रदान किया जाएगा जबकि 50% राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी।
  • यदि कोई व्यक्ति 10 लाख की लागत वाला छोटा फिश फीड मिल तैयार करवाता है तो सरकार द्वारा ₹900000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना से मछली का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

नीली क्रांति योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि | Bihar Neli Kiranti 2022 : Subsidy

  • यदि नए तालाब के निर्माण पर 7 लाख प्रति हेक्टेयर के हिसाब से खर्च आता है तो सरकार की तरफ से30 लाख तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
  • चनौर एरिया में तालाब बनवाने परआने वाला खर्च ₹5 लाख होगा तो इसके लिए50 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • रियरिंग तालाब बनाने के लिए सरकार की तरफ से छह लाख लागत खर्च तय किया गया है और उस हिसाब से40 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • फिश फीड मिल का एक करोड रुपए का खर्च आता है तो सरकार की तरफ से नब्बे लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • हैचरी निर्माण के लिए 22 लाख की लागत पर80 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।

नीली क्रांति योजना के तहत जारी किए गए दिशानिर्देश | Bihar Neli Kiranti 2022 : Guidelines

  • जिला मत्स्य विभाग को तालाबों के निर्माण के दौरान सारी जानकारी देना अनिवार्य है।
  • आवेदन करते समय जमीन के कागजात की फोटो कॉपी जमा करवाना भी आवश्यक है, तभी योजना के अंतर्गतनए तालाब खुदवाने के लिए अप्रूवल मिलेगा।
  • योजना के तहत तालाबों के निर्माण के लिए जिन लोगों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें जमीन लीज पर लेनी होगी और प्लीज का कॉन्ट्रैक्ट कम से कम 9 साल का होना चाहिए।
  • जमीन का निरीक्षण करने के बाद ही स्वीकृति प्राप्त होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत कोई भी लक्ष्य तय नहीं किया गया है इसलिए सभी वर्गों से संबंधित लोग योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।
  • इस योजना के तहत मत्स्य पालन विभाग द्वारा लोगों का चयन किया जाएगा और उसके बाद उन्हें मत्स्य पालन के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
  • 2 हेक्टेयर तक तालाब निर्माण के लिए सरकार की तरफ से अनुदान दिया जाएगा।
  • मत्स्य पालन विभाग द्वाराजमीन की मिट्टी का निरीक्षण भी किया जाएगा।
  • तालाब के निर्माण के लिए ऐसी भूमि का चयन करना आवश्यक है जो प्राकृतिक रूप से गहरी हो और जहां पर वर्षा जल के संग्रहणका पूरा प्रबंध हो।
  • पानी की निकासी का प्रबंध होना भी अनिवार्य है।

नीली क्रांति योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज | Bihar Neli Kiranti 2022 : Required Documents

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड, वोटर आईडी
  • जमीन के कागजात की कॉपी
  • यदि जमीन लीज पर ली है तो उससे संबंधित कागजात एवंएग्रीमेंट
  • मोबाइल नंबर

नए तालाबों के निर्माण के तहत आवेदन प्रक्रिया | Bihar Neli Kiranti 2022 : Registration Process

  • इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए लाभार्थियों को मत्स्य पालन विभाग से संपर्क करना होगा।
  • वहीं पर उन्हें एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा तथा डॉक्यूमेंट की कॉपी अटैच करनी होगी।
  • इसके बाद आवेदन पूरा होने के पश्चात विभागीय पदाधिकारी मौके पर जाकर जमीन का निरीक्षण करेंगे।
  • जमीन के निरीक्षण के साथ-साथ मिट्टी का निरीक्षण भी किया जाएगा।
  • जल प्रबंधन एवं तालाब तक पहुंचने के रास्ते का भी पूरा निरीक्षण किया जाएगा।
  • यदि विभागीय अधिकारियों को सारी जानकारी सही लगी और उन्हें लगा कि आवेदक मत्स्य पालन के लिए पूरी तरह से तैयार है और वह मिलने वाली सहायता राशि का इस्तेमाल तालाब निर्माण के लिए ही करेगा,  तब अप्रूवल लेटर दे दिया जाता है।
  • अप्रूवल मिलते ही अनुदान देने की प्रक्रिया शुरूकर दी जाएगी।
  • अनुदान के साथ-साथ लाभार्थी को मत्स्य पालन से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा और यह प्रशिक्षण विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया जाएगा।

राज्य सरकार ने लोगों को स्वरोजगार की और बढ़ाने के लिए ही इस योजना की शुरूआत की है। उनका मानना है कि यदि रोजगार के साधन अपने राज्य में ही उपलब्ध करवा दिए जाए तो लोग काम के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाएंगे। इससे लोगों की आजीविका बढ़ेगी उनका जीवन स्तर भी ऊंचा होगा और राज्य का भी इससे फायदा ही होगा। यह योजना मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित है तथा तालाब के निर्माण के दौरान उनके द्वारा पूरी वेरिफिकेशन भी की जाती है।

इस योजना के लिए वैसे भी कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है इसलिए जो भी लोग मछली पालन जैसे सहायक धंधे को अपनाना चाहते हैं और इसे अपनी आजीविका का साधन बनाना चाहते हैं; उन्हें मत्स्य पालन विभाग से अवश्य संपर्क करना चाहिए।

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