जाने क्या है बैचलर ऑफ फाइन आर्ट, साथ ही जाने आप कैसे बना सकते है इसमें अपना करियर | Bachelor of Fine Arts | Fine Arts Course Details

BFA Course - Bachelor of fine art
BFA Course – Bachelor of fine art

आज के बदलते समय में और बदलते समाजिक परिवेश में न सिर्फ युवा पीढ़ी के करियर के लिए कई विकल्प खुल गए हैं, इतना ही नहीं इसके साथ ही करियर को लेकर बच्चों के माता पिता की भी सोच बदल गयी है। जहां पहले माता पिता की यह धारणा बन गई थी कि उनका बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर के क्षेत्र में ही अपना करियर बना सकते हैं तो वहीं अभी माता पिता की यह धारणा धीरे धीरे बदल रही है। क्योंकि अब सिर्फ कॉमर्स या साइंस स्ट्रीम वाले बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि आर्टस फील्ड के बच्चों के लिए भी करियर की अपार संभावनाएं हैं। जिसमें न सिर्फ बच्चे अपना करियर बना सकते हैं बल्कि अच्छी-खासी रकम भी कमा सकते हैं। आज के समय में बच्चे कुछ खास और क्रिएटिव करने में भरोसा रखते हैं, जिसमें उनके माता पिता भी उनके सपने को हकीकत में बदलने में उनका सहयोग कर रहे हैं। वहीं आज फैशन की इस दुनिया में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट की तरफ भी युवा आर्कषित हो रहे हैं। इसके अलावा जिन बच्चों का रुझान पेंटिंग, मूर्तिकला और अन्य तरह की कला में हैं । ऐसे बच्चों के लिए बैचलर ऑफ फाइन आर्ट फील्ड काफी बेहतर साबित हो सकती है। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स के कोर्स के माध्यम से न सिर्फ बच्चा पेंटिग्स, मूर्तिकला आदि बनाकर अपनी कला को निखार सकते हैं बल्कि, अपने शौक के साथ इसमें बेहतरीन करियर भी बना सकते हैं। आज के समय में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स एक डिमांडिंग सब्जेक्ट्स भी बन चुका है।

जाने क्या है बैचलर ऑफ फाइन आर्ट | BFA Course Details in hindi

बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स का मतलब है ललित कला। ललित कला, कला के विजुअल्स का अध्ययन और निर्माण है। ललित कला नृत्य, चित्र, फोटोग्राफी, फिल्म, वास्तुकला, आदि के रूप में भी हो सकती है। ललित कला स्नातक कोर्स करने के बाद अंग्रेजी साहित्य, दर्शन शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान आदि के साथ अनेक जॉब आसानी से मिल जाती हैं। आजकल इंडिया में कई बड़ी यूनिवर्सिटी बैचलर ऑफ फाइन आर्ट का कोर्स करती हैं। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्‍स तीन साल का कोर्स होता है। अगर आपकी रुचि पेंटिंग बनाने में है तो इसे आप करियर के रूप में आजमा सकते हैं.

बैचलर ऑफ फाइन आर्ट के फायदे | BFA Course Benefits

बैचलर ऑफ फाइन आर्ट एक ऐसा सेक्टर है जहां पर बच्चों को बीएफए कोर्स करने के बाद आसानी से जॉब मिल जाती है। आज कल बैचलर ऑफ़ फाइन आर्ट्स में काफी बच्चों को दिलचस्पी होती है। बैचलर ऑफ़ फाइन आर्ट्स एडवरटाइजिंग कम्पनीज, आर्ट स्टूडियोज, बाउटिकेस आदि जगहों पर जॉब कर सकते हैं। आज के समय में बैचलर ऑफ फाइन आर्टस का क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं अच्छी पेंटिग्स भी लाखों-करोड़ो रुपए में बिक रही हैं, जिससे कलाकारों को उसका पूरा फायदा भी मिल रहा है। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स में करियर बनाने के लिए कई तरह के डिग्री और डिप्लोमा कोर्सेस भी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से छात्रों को फाइन आर्ट्स की अलग-अलग विधाओं जैसे ड्रॉइंग, पेंटिंग, डिजाइनिंग, स्कल्पटिंग, एनिमेशन, गेमिंग और इंस्टॉलेशन आदि के बारे में जानकारी दी जाती है, ताकि छात्र अपने हुनर से पैसे कमा सकें। वहीं आज हम आपको फाइन आर्ट्स में करियर बनाने के लिए बैचलर ऑफ फाइन आर्ट की डिग्री कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कि उन बच्चो के लिए काफी कारगर साबित हो सकता है, जो इस फील्ड में खुद को स्थापित करने के सपने संजो रहे हैं।

10 टॉप बैचलर ऑफ फाइन आर्ट कॉलेजेस इन इंडिया | Top 10 BFA Course College in india

  • सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे
  • बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी – (BHU), वाराणसी
  • चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी – (CCSU), मेरठ
  • देश भगत यूनिवर्सिटी – (DBU), गोबिंदगढ़
  • मंगलायतन यूनिवर्सिटी – (MU), अलीगढ
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नॉएडा
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, गुडगाँव
  • ओस्मानिया यूनिवर्सिटी – (OU), हैदराबाद
  • अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी – (AMU), अलीगढ
  • चीत्कार यूनिवर्सिटी, पटियाला

क्या दिल्ली विश्वविद्यालय में कराया जाता है  बैचलर ऑफ फाइन आर्ट कोर्स | BFA in Delhi University | BFA in DU

दिल्ली विश्वविद्यालय में जून से शुरू होने वाली दाखिला प्रक्रिया में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट कोर्स के एडमिशन भी होते है। दाखिले की इन्हीं एबीसीडी को जानने के लिए ओपन डेज सेशन के दूसरे दिन भी बच्चों और माता पिता की भीड़ उमड़ी। पहले दिन की भांति ही 1500 से ज्यादा बच्चे पहुँचते है। भीड़ और छात्रों की सुविधा के मद्देनजर एक साथ दो सभागारों में सेशन हुए।

बैचलर ऑफ फाइन आर्ट के लिए योग्यता | Required Eligibility for BFA Graduation Course | BFA Course Fee 2021

अगर आप बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स में कैरियर बनाना चाहते है तो आपको कला की अच्छी समझ होनीं चाहिए। कल्पनाशीलता और क्रिएटिविटी इस सेक्टर की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक हैं। थिंकिंग पावर और ड्राइंग, पेंटिंग, सकैचिंग की अच्छी समझ होना जरूरी है। इसके साथ ही इस फील्ड के लिए आवश्यक है कि आप नए- नए एक्सपेरिमेंट करते रहे। जिससे आपकी कला का और भी ज्याद निखार होगा। अगर आपके अंदर कला की अच्छी समझ विकसित हो गई, तो आप लाखो करोड़ो रूपये कमा सकते हैं। अगर बैचलर ऑफ फाइन प्रोफेशनल की सैलेरी की बात करें, तो आप शुरुआती दौर में 15 से 20 हजार रुपये आसानी से पा जाएंगे। जैसे- जैसे एक्सपीरियंस बढ़ता है, सैलेरी भी बढ़ती रहेगी।

BFA के लिए आवश्यक कौशल | Required Skillset for BFA

बैचलर ऑफ फाइन आर्ट पाठ्यक्रम आमतौर पर उन छात्रों द्वारा किया जाता है जिनके पास एक कलाकार छिपा होता है। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थी जिनके पास दिमाग का रचनात्मक झुकाव है और दृश्य या प्रदर्शन कला के प्रति एक सहज प्रवृत्ति है, वे बीएफए कोर्स के लिए योग्य हैं।

Skillset for BFA Aspirants (बीएफए उम्मीदवारों के लिए कौशल)
Sketching skills (स्केचिंग कौशल)Drawing skills (ड्राइंग कौशल)
Visualisation skills (दृश्य कौशल)Imaginative skills (कल्पनाशील कौशल)
Artistic skills (कलात्मक कौशल)Presentation skills (प्रस्तुति कौशल)
Problem-solving skills (समस्या को सुलझाने के कौशल)Communication skills (संचार कौशल)

बीएफए के लिए पाठ्यक्रम | Course curriculum for BFA

जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, बीएफए कोर्स की अवधि तीन से चार साल के बीच होती है जो आमतौर पर छह से आठ सेमेस्टर में विभाजित होती है। आमतौर पर विभिन्न विशेषज्ञता में बीएफए कोर्स की पेशकश की जाती है। उम्मीदवार अपनी रुचि के किसी भी विशेषज्ञता का चयन कर सकते हैं और उस विषय में प्रमुख का चयन कर सकते हैं। कुछ लोकप्रिय बीएफए विशेषज्ञ हैं:

BFA Specialisations (बीएफए की विशेषज्ञता)
Painting (चित्र)Applied Arts (एप्लाइड आर्ट्स)
Plastic Arts (प्लास्टिक कला)Pottery & Ceramics (मिट्टी के बर्तन और मिट्टी के पात्र)
Textile Design (कपड़ा डिजाइन)Music(संगीत)
Drama & Theatre (नाटक और रंगमंच)Digital Arts (डिजिटल आर्ट्स)
Calligraphy (सुलेख)Cartooning (कार्टून बनाना)
Dance (नृत्य)Graphic Designing (ग्राफिक डिजाइनिंग)
Illustration (चित्रण)Photography (फोटोग्राफी)
Printmaking (प्रिंटमेकिंग)Sculpture (मूर्ति)

बीएफए का पाठ्यक्रम | BFA Subjects | Bachelor of Fine Arts Subjects

पाठ्यक्रम दोनों सैद्धांतिक और व्यावहारिक विषयों को शामिल करता है। इसके अलावा, कुछ संस्थान उम्मीदवारों को शोध पत्र के रूप में अपनी खुद की कलाकृतियों को प्रकाशित करने या कलाकृतियों की अपनी पत्रिकाओं को बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं। बीएफए पाठ्यक्रम उस विशेषज्ञता पर निर्भर करता है जिसे उम्मीदवार ने चुना है। हालांकि, नीचे दिए गए मुख्य विषय हैं जो आम तौर पर BFA कार्यक्रम में सिखाए जाते हैं:

BFA Theory Subjects (बीएफए थ्योरी विषय)
English (अंग्रेज़ी)Hindi (हिंदी)
Punjabi (पंजाबी)Cultural History of India (भारत का सांस्कृतिक इतिहास)
Health Education (स्वास्थ्य शिक्षा)History of Indian Art (भारतीय कला का इतिहास)
Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)Basics of Computer Fundamentals (कंप्यूटर बुनियादी बातों की मूल बातें)
Aesthetics (सौंदर्यशास्र)Design & Communication Practice (डिजाइन और संचार अभ्यास)
Human Values & Professional Ethics (मानव मूल्यों और व्यावसायिक)Market Research (बाजार अनुसंधान)
Mural (नैतिकता)Visual Graphics (विजुअल ग्राफिक्स)
BFA Practical Subjects (बीएफए प्रैक्टिकल विषय)
Geometry Perspective (ज्यामिति परिप्रेक्ष्य)Sketching & Drawing (स्केचिंग और ड्राइंग)
Painting (चित्र)Design (डिज़ाइन)
Lettering Layout (पत्र लेआउट)Clay Modelling & Sculpture (मिट्टी मॉडलिंग और मूर्तिकला)
Printmaking (प्रिंटमेकिंग)2D Art & Design (2 डी कला और डिजाइन)
Computer Graphics (कंप्यूटर ग्राफिक्स)Communication Illustration (संचार चित्रण)
Communication Design (संचार की रचना)Advertising Art (विज्ञापन कला)
Market Research (बाजार अनुसंधान)Visual Arts Process & Practices (दृश्य कला प्रक्रिया और अभ्यास)
Composition (रचना)3D Art & Design (3 डी कला और डिजाइन)

 

बैचलर ऑफ फाइन आर्ट में तेजी से बढ़ रहा स्कोप | Career Scope After BFA

आज के समय में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स का स्कोप तेजी से बढ़ा है, वहीं अगर पिछले कुछ सालों के रिकॉर्ड्स को खंगाला जाए तो इस क्षेत्र में जॉब की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। साथ ही साथ आपको बता दें कि बैचलर ऑफ फाइनआर्ट्स ग्रेजुएट वालों की सबसे ज्यादा मांग सॉफ्टवेयर कंपनीज, डिजाइन फर्म्स, टेलीविजन चैनल्स, एनीमेशन स्टूडियो, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग कंपनीज, डिजिटल मीडिया, पब्लिशिंग हाउसेज, मीडिया हाउसेज़, आर्ट स्टूडियो और फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट्स के इस्तेमाल के लिए बढ़ी है।

बीएफए जॉब प्रोफाइल | BFA Student Job Profiles | Jobs for BFA Students

भारत में ललित कला स्नातकों के लिए विभिन्न प्रकार की नौकरियां उपलब्ध हैं। सिनेमा, टेलीविजन, विज्ञापन, एनीमेशन, प्रकाशन, कपड़ा, कला स्टूडियो, बुटीक, शैक्षिक संस्थानों में BFA स्नातकों की अच्छी मांग है। हालांकि, बीएफए स्नातकों के लिए नौकरी प्रोफाइल के प्रकार उनके चुने हुए विशेषज्ञता के अनुसार भिन्न होते हैं। नीचे विभिन्न बीएफए जॉब प्रोफाइल पर एक नजर डालें:

कला शिक्षक: एक कला शिक्षक के रूप में एक उम्मीदवार दूसरों को कला का अपना रूप सिखा सकता है। एक उम्मीदवार किसी भी ललित कला क्षेत्र में शिक्षक बनना पसंद कर सकता है जैसे पेंटिंग और मूर्तिकला। हालांकि, शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने के लिए एक उम्मीदवार के पास बीएड की डिग्री होना आवश्यक है।

ललित कलाकार: एक उम्दा कलाकार की मुख्य भूमिका विभिन्न प्रकार की तकनीकों का उपयोग करके कलाकृति का निर्माण करना है। एक उम्दा कलाकार के रूप में एक उम्मीदवार को एक व्यावसायिक कला स्टूडियो, डिजाइन कंपनी, प्रकाशन गृह, विज्ञापन एजेंसी आदि में चित्रकार, मूर्तिकार, इलस्ट्रेटर या प्रिंटमेकर के रूप में नौकरी मिल सकती है। एक अच्छा कलाकार भी स्वतंत्र रूप से काम करने और कला के माध्यम से अपना काम का विकल्प चुन सकता है।

अभिनेता: रंगमंच में विशेषज्ञता के साथ बीएफए की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार स्क्रीन या मंच पर एक अभिनेता के रूप में काम करने के लिए आगे बढ़ सकते हैं। एक अभिनेता के रूप में एक उम्मीदवार विचारों को व्यक्त कर सकता है और टेलीविजन, फिल्म, थियेटर और अन्य प्रदर्शन कला मीडिया में पात्रों को चित्रित कर सकता है। एक अभिनेता थीम पार्क या लाइव इवेंट में काम करने का विकल्प भी चुन सकता है।

मल्टीमीडिया कलाकार: मल्टीमीडिया में विशेषज्ञता के साथ अपना बीएफए कोर्स पास करने वाले उम्मीदवारों पर एनीमेशन अनुक्रम या स्टोरीबोर्ड बनाने की प्रमुख जिम्मेदारी होती है। ऐसे उम्मीदवार आमतौर पर विज्ञापन एजेंसियों या सॉफ्टवेयर, गेमिंग, डिजाइनिंग और टेलीविजन कंपनियों के लिए काम करते हैं।

कला निर्देशक: उम्मीदवार जो ग्राफिक या मल्टीमीडिया डिज़ाइन विशेषज्ञता के साथ बीएफए पाठ्यक्रम को स्पष्ट करते हैं, आमतौर पर कला निर्देशक बनने के लिए आगे बढ़ते हैं। एक कला निर्देशक की प्रमुख जिम्मेदारियों में कलाकृति और कॉपी के लेआउट और डिजाइन के माध्यम से दृश्य और लिखित सामग्री के विकास का मार्गदर्शन करना शामिल है। एक कला निर्देशक आम तौर पर घरों या विज्ञापन एजेंसियों को प्रकाशित करने के लिए काम करता है।

लेखक: रचनात्मक लेखन में बीएफए स्नातक को रचनात्मक लेखक, तकनीकी लेखक, कॉपीराइटर या स्वतंत्र लेखक के रूप में नौकरी मिल सकती है। एक लेखक विज्ञापन एजेंसियों, प्रसारण कंपनियों, पीआर एजेंसियों, समाचार पत्रों या प्रकाशन गृहों के लिए काम कर सकता है।

पेंटर: एक चित्रकार के रूप में, एक उम्मीदवार विभिन्न कलाकृतियां बना सकता है जैसे कि वाटर कलर पेंटिंग, ऑइल पेंटिंग, इंक वॉश पेंटिंग, ऐक्रेलिक पेंटिंग, पेस्टल कलर पेंटिंग, ग्लास पेंटिंग, एनकॉस्टिक पेंटिंग आदि। एक पेंटर आमतौर पर स्वतंत्र रूप से काम करता है या उसका प्रदर्शन करता है।

ग्राफिक डिजाइनर: एक ग्राफिक डिजाइनर आम तौर पर हाथ से या सॉफ्टवेयर के जरिए विजुअल कॉन्सेप्ट बनाता है, ताकि उन विचारों को संप्रेषित किया जा सके जो उपभोक्ताओं को लुभाते हैं। एक ग्राफिक डिजाइनर विज्ञापन, पत्रिकाओं, ब्रोशर, आदि के लिए एक समग्र लेआउट और उत्पादन डिजाइन विकसित करता है।

एनीमेटर: एक एनिमेटर के पास फिल्मों, वीडियो गेम, किताबें, टेलीविजन आदि के लिए चित्र और दृश्य बनाने का मुख्य काम है। आज के डिजिटल युग में, अधिकांश एनीमेशन कंप्यूटर-जनरेट किए गए हैं, लेकिन एनिमेटरों को अभी भी हाथ से अपने प्रारंभिक स्केच बनाने की आवश्यकता है।

कला संरक्षक: एक कला संरक्षक, जिसे कला पुनर्स्थापनाकार के रूप में भी जाना जाता है, कला की कलाकृतियों और कार्यों के विश्लेषण के साथ-साथ संरक्षण के लिए भी जिम्मेदार है। एस / वह कलाकृति के विभिन्न रूपों जैसे मूर्तियां, पेंटिंग, भित्ति चित्र, चीनी मिट्टी की चीज़ें, कपड़ा, किताबें, ऐतिहासिक कलाकृतियों आदि के लिए किए गए नुकसान की मरम्मत के लिए भी जिम्मेदार है।

फ़ोटोग्राफ़र: एक फ़ोटोग्राफ़र एक कैमरा वाला एक कलाकार होता है, जो अपने तकनीकी कौशल के साथ-साथ लोगों, स्थानों, परिदृश्यों, भोजन और बहुत कुछ की तस्वीरें लेने की कलात्मक क्षमता का उपयोग करता है।

संगीतकार: एक संगीतकार का मुख्य काम संगीत और आकर्षक धुनों को लिखना है। एक संगीतकार एकल कलाकार के रूप में काम कर सकता है या बैंड, गाना बजानेवालों, ऑर्केस्ट्रा आदि में भी काम कर सकता है। एक संगीतकार वीडियो गेम, विज्ञापनों, मंच प्रस्तुतियों आदि के लिए संगीत विकसित कर सकता है।

B.A. in Fine Arts (ललित कला में बी.ए.)
 Name of the course (कोर्स का नाम)BA (Bachelor of Arts in Fine Arts)
 Course Level (कोर्स स्तर)Graduation Course
 Duration (अवधि) 3 years, full time
 Stream (स्ट्रीम) Fine Arts
 Examination Type (परीक्षा का प्रकार) Semester System (सेमेस्टर प्रणाली)
 Eligibility (पात्रता) 10+2 qualification in any stream with minimum 50% marks aggregate (न्यूनतम 50% अंकों के साथ किसी भी स्ट्रीम में 10 + 2 )
 Admission Process (प्रवेश प्रक्रिया) Either based on entrance test or marks secured in the higher secondary level or both
 Average Course Fee (औसत पाठ्यक्रम शुल्क) INR 85K to 6 Lakh
 Average Starting Salary (औसत शुरुआत वेतन) INR 5 Lacs to 15 Lakhs
कॉमर्स स्ट्रीमसाइंस स्ट्रीम PCMसाइंस स्ट्रीम PCBM
Spread the love

1 thought on “जाने क्या है बैचलर ऑफ फाइन आर्ट, साथ ही जाने आप कैसे बना सकते है इसमें अपना करियर | Bachelor of Fine Arts | Fine Arts Course Details”

Leave a Comment