बीएड कोर्स (सम्पूर्ण जानकारी) | B.ed Course in Hindi | B.ed Course Fee | B.ed Course details

B.ed Course Details
B.ed Course Details

B.Ed कोर्स को बैचलर ऑफ एजुकेशन भी कहते हैं। एक स्कूल टीचर बंनने के लिए B.ed कोर्स पूरा करना बहुत जरूरी है, तभी स्कूल में एक टीचर की जॉब मिलती है। टीचर बनने के लिए B.Ed कोर्स करना अति आवश्यक होता है, भारत में यह एक विशेष डिग्री है जो किसी भी स्कूल में अध्यापक की नौकरी प्राप्त करने के लिए होनी जरूरी होती है। वर्ष 2019 से ही B.Ed डिग्री को अनिवार्य कर दिया गया है जबकि पहले गैर सरकारी विद्यालयों में उम्मीदवारों को भी अध्यापक की नौकरी दे दी जाती थी जिनके पास B.Ed की डिग्री नहीं होती थी, परंतु अब ऐसा नहीं है अब चाहे सरकारी विद्यालयों में टीचर की नौकरी करना हो या फिर निजी या प्राइवेट स्कूलों में टीचर की नौकरी सब जगह B.Ed की डिग्री होना अनिवार्य है।

बैचलर ऑफ एज्युकेशन (बीएड) कोर्स हाइलाइट्स | Bachelor of Education (B.Ed) Course Highlights

Course Name (कोर्स का नाम)Bachelor of Education (B.Ed)
Duration of the Course (पाठ्यक्रम की अवधि)02 Years
Eligibility Criteria (पात्रता मापदंड)Applicants must be a graduate/postgraduate in any relevant field from a recognised University
Entrance Exams (प्रवेश परीक्षा)DU B.Ed
IGNOU B.Ed
IPU CET
RIE CEE
MAH Integrated B.Ed-M.Ed CET 2020
Bihar B.Ed CET
UP B.Ed JEE
Admission ProcessAdmissions are done on the basis of entrance exams and followed by a counselling process in most of the universities and institutions. However, there are some institutions which offer merit-based admission to the B.Ed aspirants
Course Fee (पाठ्यक्रम शुल्क)INR 5K to INR 2 lakhs
Average Starting Salary (औसत शुरुआत वेतन)INR 2 LPA to INR 10 LPA
Job Positions Offered (नौकरी पदों की पेशकश की)Education Researcher
Content Writer
Counsellor
School Teachers
Education Consultant
Research Assistant

बीएड कोर्स के लिये योग्यता | B.Ed Course Eligibility

  • B.Ed कोर्स में प्रवेश करने के लिए बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए), बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी) या बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) व अन्य स्नातक (ग्रेजुएशन) में न्यूनतम अंक50% होने अनिवार्य है एवं ग्रेजुएशन मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से की होनी अनिवार्य है।
  • B.Ed कोर्स किसी भी सरकारी कॉलेज से किया जा सकता है, इसके अलावा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से भी यह कोर्स किया जा सकता है।

 

B.ed ग्रेजुएशन कोर्स | B.ed Graduation Course

B.Ed कोर्स करने के लिए विद्यार्थियों को किसी भी क्षेत्र में ग्रेजुएशन कोर्स (Graduation Course) करना अनिवार्य है। 12वीं करने के बाद बैचलर ऑफ आर्ट्स, बैचलर ऑफ साइंस, बैचलर ऑफ कॉमर्स या अन्य ग्रेजुएशन कोर्स पूरे करने के बाद पूरे करने के बाद ही B.Ed कोर्स को आरम्भ किया जा सकता है। बाहरवीं के बाद डायरेक्ट बी.एड कोर्स नहीं किया जा सकता है, अर्थात ग्रेजुएशन पूरी करनी बहुत जरूरी है, इसलिए जो भी लोग अध्यापक की नौकरी करना चाहते हैं, उन्हें पहले ग्रेजुएशन कोर्स (Graduation Course) पूरी जरूरी करनी चाहिए।

 

B.Ed के लिए प्रवेश परीक्षा | Entrance Exam for B.ed

  • बीएड में प्रवेश करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले प्रवेश परीक्षा देनी होती है।
  • ये प्रवेश परीक्षा आम तौर पर जून-जुलाई महीने में आयोजित की जाती हैं, जिसमें अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, प्रयोग, मूल अंकगणित शिक्षण क्षमता और एक स्थानीय भाषा के बारे में प्रश्न शामिल होते हैं।
  • परीक्षा के परिणाम आम तौर पर जुलाई / अगस्त तक आ जाते हैं।
  • परीक्षा के बाद एक काउन्सलिंग होती है।
  • उस काउन्सलिंग में उम्मीदवार को उसके रैंक के अनुसार कॉलेज मिल जाते हैं।

 

बीएड सब्जेक्ट्स लिस्ट | Bed Subject list

  • शिक्षा, संस्कृति और मानव मूल्य
  • शैक्षिक मूल्यांकन और आकलन
  • शैक्षणिक मनोविज्ञान
  • मार्गदर्शन और परामर्श
  • समग्र शिक्षा
  • शिक्षा का दर्शन

 

B.Ed में निम्नलिखित सब्जेक्ट्स में से उन सब्जेक्ट्स में विशेषयगता प्राप्त करनी अनिवार्य होती है, जिनमें उम्मेदवार की दिलचस्पी हो। 

  • जैविक विज्ञान
  • प्राकृतिक विज्ञान
  • शारीरिक शिक्षा
  • भौतिक विज्ञान
  • कंप्यूटर विज्ञान
  • अर्थशास्त्र
  • विशेष शिक्षा
  • अंग्रेज़ी
  • भूगोल
  • गणित
  • राजनीति विज्ञान
  • हिन्दी
  • रसायन विज्ञान
  • हियरिंग इम्पेरेड
  • भौतिक विज्ञान
  • होम साइंस
  • क्षेत्रीय भाषा

बीएड कोर्स की अवधि | B.ed Course Duration

बीएड कोर्स की अवधि 2 साल की होती है अर्थात साल में यह पूरा कोर्स कम्पलीट हो जाता है और उम्मीदवारों को उनकी बी.एड की डिग्री मिल जाती है। बीएड कोर्स रेगुलर तथा डिस्टेंस लर्निंग में भी पूरा किया जा सकता है।

B.ed Course Syllabus
B.ed Course Syllabus

बीएड कोर्स की फीस | B.ed Course Fee

रैगुलर बीएड कोर्स की फीस लगभग 50,000-70,000 है और डिस्टेंस बीएड कोर्स की फीस नियमित पाठ्यक्रम से कम होती है। सरकारी संस्थानों में बीएड कोर्स  की फीस प्राइवेट संस्थानों से कम होती है। वैसे हरेक राज्य में बीएड कोर्स के अलग अलग मापदंड निर्धारित किये गये हैं।

औसत प्रारंभ वेतन / सैलरी | B.ed Course Salary

  • टीजीटी अध्यापकों के तौर पर लगभग 5 लाख से 8.5 लाख रुपए तक का वार्षिक वेतन मिलता है।
  • पीजीटी अध्यापकों के तौर पर लगभग 4 लाख से 8 रुपए वार्षिक वेतनमान मिल सकता है।

 

बी एड करने के बाद नौकरी | Carrier option After B.ed

  • बीएड पूरा करने के बाद निजी और साथ ही सरकारी स्कूलों में अच्छा वेतन पैकेज के साथ नौकरी पाने के लिए अवसर प्राप्त होते हैं।
  • बी.एड. करने के बाद टीजीटी और पीजीटी के जरिए नौकरी मिलती है।
  • बी.एड. में 50% अंक और बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी. या स्नातक स्तर की परीक्षा में भी 50% अंक हैं तो TGT ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) के जरिए कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक अध्यापक की नौकरी मिलती है। PGT यानि कि पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के जरिए किसी भी सरकारी या निजी स्कूल में कक्षा 12 तक अध्यापक की नौकरी मिलती है।
  • सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए बी.एड. के साथ TET टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टी.ई.टी.) की परीक्षा को उत्तीर्ण करना भी अनिवार्य है, जो वर्ष 2012 में देश में अनिवार्य कर दिया गया है अर्थात इस टेस्ट को पास करने वाले ही अध्यापक की सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।
  • बीएड के बाद एम.एड भी कर सकते हैं और उच्च शिक्षा में अध्यापन के लिए नौकरी पा सकते हैं, लेकिन शिक्षाशास्त्र में इसके साथ ही NET नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) क्वालीफाई करना आवश्यक है।
  • बीएड के बाद मास्टर ऑफ एजुकेशन (एमएड) स्नातकोत्तर उच्च विशेष पाठ्यक्रम है, एम.एड. के पूरा होने के बाद उम्मीदवार पीएचडी भी कर सकते हैं।

 

बी.एड. करने के बाद भर्ती क्षेत्र | Jobs After B.ed Course

  • कोचिंग केंद्र
  • शिक्षा परामर्शदाता / education counselor
  • गृह अध्यापन / Home teaching
  • निजी प्राइमरी
  • पब्लिशिंग हाउस
  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट एजेंसियां
  • स्कूल और कॉलेज
  • शिक्षक
  • प्रशासक
  • सहायक डीन
  • सामग्री लेखक
  • सलाहकार
  • शिक्षा शोधक, आदि।

यह सारे वह क्षेत्र हैं और प्रोफाइल हैं, जिनपर बी.एड कम्पलीट करने के बाद काम किया जा सकता है।

एक अध्यापक की नौकरी बहुत ही सम्मानजनक जॉब है, जिसकी समाज में बहुत इज़्ज़त है। चाहे सरकारी या निजी स्कूल अध्यापक बनना हो, दोनों ही जगह बी.एड डिग्री होनी जरूरी है. अध्यापक की नौकरी पाने के लिए अध्यापन कोशल तभी प्राप्त होता है, जब अध्यापन में गुणात्मक अध्यन्न किया हो और यह अध्यन्न बी.एड कोर्स में कराया जाता है। अध्यन्न करने वाले उम्मीदवारों को पढ़ाने के अच्छे तरीके, बच्चों की मानसिकता एवं अध्यापन का उच्च तकनीकी ज्ञान भी दिया जाता है।

अध्यापक बनने के लिए ग्रदुअतिऊण पूरी करने के बाद अच्छे संस्थान में बी.एड का कोर्स अवश्य करना चाहिए। पहले बी.एड के कोर्स की तरफ खासकरके प्राइवेट स्कूल ध्यान नहीं देते थे और ग्रेजुएट्स को ही अध्यापक की नौकरी पर रख लेते थे; परन्तु जबसे सरकार ने बी.एड डिग्री को अनिवार्य किया है, तभी से देश भर में उन उम्मीदवारों को ही स्कूलों में अध्यापक की नौकरी दी जाती है, जिनके पास बी.एड की डिग्री हो सरकारी अद्यापक बनने के लिए बी.एड के साथ साथ टी.इ.टी पास करना भी जरूरी है।

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